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इंदौर। २५ अप्रैल.
इंदौर के एक स्कूल में शिक्षक व शिक्षिका ने बच्चों को सजा देने के मामले
में हदें पार कर दीं। क्लास के दौरान आपस में बात करने पर दो बच्चों के
गाल पर ‘मैं पागल हूं’ लिखकर उन्हें पूरे स्कूल में घुमाया गया।
वहीं, एक अन्य बच्चे के चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ बनाकर हंसी उड़ाई गई। बच्चों
ने शिक्षकों पर चेन से मारने और धूप में बांधकर खड़ा रखने का आरोप भी
लगाया है। सारे मामले के लिए जिम्मेदार टीचर्स घटना के अगले ही दिन से
छुट्टी पर चले गए। उधर, स्कूल की प्राचार्य ने मामले की पुष्टि होने पर
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।
बेगम खान बहादुर पब्लिक स्कूल के छात्रों ने बताया कि उन्हें टीचर द्वारा
सजा देने के बाद धमकी दी जाती है कि अगर किसी को कुछ बोलोगे तो दूसरे दिन
और सजा मिलेगी। घर पर बताने के बाद और ज्यादा सजा मिलती थी। इससे पहले
जनवरी 08 में केजी में पढ़ने वाले एक मासूम के साथ मारपीट की घटना हो चुकी
है। इसकी शिकायत होने के बाद प्राचार्य ने सभी टीचर्स के लिए एक आदेश
निकाला गया, जिसमें कहा गया था कि किसी भी बच्चे को शारीरिक प्रताड़ना दी
गई तो टीचर का वेतन काटने और अन्य कार्रवाई की जाएगी।
हालिया मामले के बारे में पांचवी के छात्र रहमान ने बताया कि उसके पिता
कल स्कूल में आकर टीचर से मिले थे। बीमारी के कारण वह कुछ दिनों से स्कूल
नहीं जा पा रहा था इसलिए उन्होंने टीचर से किसी अन्य बच्चे से कॉपी लेकर
देने की गुजारिश की थी। इस बात से चिढ़कर टीचर ने मुझसे कहा कि तुम काम
तो करते नहीं हो, फिर पिता से सिफारिश करवाते हो।
रहमान के मुताबिक टीचर ने उसे चेन से मारा, जिससे उसके हाथ पर निशान बन
गए। गाल पर चांटे भी मारे, जिसकी वजह से गाल पर नाखून के निशान भी बन गए।
रहमान के साथ ही एक अन्य छात्र शेफानूर ने बताया कि टीचर अक्सर होमवर्क
पूरा नहीं होने और मस्ती करने के कारण बच्चों को गले में चेन डालकर दरवाजे
से बांध देती है। धूप में भी पूरे पीरियड बांधकर खड़ा रखा जाता है। पांचवीं
कक्षा में ही पढ़ने वाले सोहेल ने बताया कि टीचर ने उनके गाल पर ‘मैं
पागल हूं’ लिखकर पूरे स्कूल में घुमाया। इसके बाद उसे मुर्गा बनाकर रखा
गया।
रिक्शा चालक ने तुरंत पूछा था
रहमान स्कूल रिक्शा से आता-जाता है। 23 अप्रैल को वह जब स्कूल से बाहर
निकला तो उसके चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ बनी थी और वह रो रहा था। जब रिक्शा
चालक ने रहमान से इसका कारण पूछा तो वह कुछ नहीं बोला। इसके बाद चालक ने
स्कूल जाकर इस बारे में जानकारी भी ली, लेकिन कोई कुछ बताने को तैयार नहीं
था। रहमान के पिता अब्दुल कय्यूम और माता अख्तर बी इस घटना के बाद काफी
गुस्से में हैं। उनका कहना है कि हम स्कूल में सजा के खिलाफ नहीं हैं,
लेकिन अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। स्कूल प्रबंधन को दोषी
टीचर्स के खिलाफ फौरन कार्रवाई करना चाहिए।
प्राचार्य ने भी स्वीकारा
इस मामले में डीबी स्टार ने प्राचार्य तसव्वुर खानम से बात की तो उनका
कहना था कि गुरुवार को वह स्कूल में नहीं थी। मुझे इस बारे में मालूम हुआ
है। जब स्कूल की एक अन्य टीचर को बुलाकर इस बारे में पूछा गया तो उनका
कहना था कि चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ और अन्य निशान बनाने की बात उनके ज्ञान
में आई थी, लेकिन मारपीट के बारे में नहीं पता। इसके बाद बच्चों को
प्राचार्य के सामने बुलाकर पूछा गया तो उन्होंने डरते-डरते बताया कि उनके
गाल पर मैडम ने ‘मैं पागल हूं’ लिखकर घुमाया था। प्राचार्य ने इसके बाद
यह स्वीकार किया कि गलती अवश्य हुई है।
हम कड़ी कार्रवाई करेंगे
इस संबंध में डीबी स्टार ने स्कूल प्राचार्य तसव्वुर खानम से सीधी बात
की-
* आपकी स्कूल में बच्चों से मारपीट का मामला सामने आया है?
- मैं कल स्कूल में नहीं थी। मेरी तबीयत कुछ गड़बड़ है। मुझे खबर जरूर लगी
है।
* क्या आपने इस मामले को देखा है?
- जिस टीचर का नाम प्रमुखता से आया है वह आज स्कूल नहीं आई है। बाकी अन्य
टीचर से मैं पूछताछ करूंगी। मैं आपके सामने ही दूसरों को बुलाकर पूछती
हूं।
(दूसरी टीचर और बाद में छात्रों को बुलाकर पूछा गया तो उन्होंने चेहरे पर
लिखने की बात बताई)
* इस मामले में अभी तक आपने क्या पाया है?
- निश्चित ही कुछ न कुछ तो हुआ है। चेहरे पर मार्किग की बात सामने आई है,
लेकिन मारपीट की बात सामने नहीं आई है।
* अब आप क्या करने वाली हैं?
- हम इस मामले में पूरी तरह सख्त हैं। हमने पहले ही टीचर्स के लिए बच्चों
से मारपीट नहीं करने का आदेश निकाल रखा है। फिर भी मैं मामले की पूरी
जांच कर कार्रवाई करूंगी।
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Posted on : Saturday April 25, 2009 10:57 AM
समाचार साभार - भास्कर डाटकाम |
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