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ट्रेन से कटा युवक आईपीएस का
छात्र |
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इंदौर।
दो दिन पहले राजेंद्रनगर रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आने
से युवक की हुई मौत के मामले में उसकी शिनाख्त आईपीएस के छात्र के
रूप में हुई। बताया जाता है कि उसे मिर्गी की बीमारी थी तथा घटना के
एक दिन पहले से घर से गायब था। उसने आत्महत्या की या हादसे का शिकार
हुआ, यह स्पष्ट नहीं हो सका।
एक मई को रेलवे पुलिस ने पटरी पर युवक की क्षत-विक्षत लाश बरामद की
थी। काफी प्रयास के बाद भी उसे पहचाना नहीं जा सका था। दूसरे दिन
अखबार में खबर पढने पर कुछ छात्र रेलवे थाने पहुंचे और शंका जताई कि
यह लाश उनके दोस्त ललित पिता राजेंद्र राव (24) की है, जो आईपीएस में
बीबीए फाइनल ईयर का छात्र था और बोकारो (झारखंड) का रहने वाला है।
छात्रों ने बताया कि वह अपने रूम पार्टनरों के साथ राजेंद्रनगर में
किराए से रहता था। वह 30 अप्रैल की रात 10.30 बजे दोस्तों से कुछ देर
बाद लौटने की बात कहकर घर से निकला था। उसके बाद उसका कहीं पता नहीं
चला।
उधर, पुलिस ने छात्रों को तर्क दिया कि सिर्फ उनके बयान से शिनाख्ती
पुख्ता नहीं की जा सकती। इसके लिए उसके परिजन को बुलाया जाए, ताकि वे
उसे पहचान सके। मामले में छात्रों ने बोकारो में रहने वाले उसके
परिजन को सूचना दी तो वे रविवार को इंदौर पहुंचे। लाश, कपडे, चप्पल,
अंगूठी आदि के आधार पर उसके भाई नीरज ने उसकी शिनाख्त की। परिजन ने
बताया कि उसे मिर्गी की बीमारी थी। इससे ज्यादा वे कुछ कहने की स्थिति
में नहीं हैं।
पुलिस ने उसके दोस्तों के बयान लिए तो पता चला कि राजेंद्रनगर में वह
अपने रूम पार्टनर सुभाष, रवि रंजन, सुजीत व अशोक कुमार के साथ रहता
था। घर से निकलने के बाद उसकी फिर दोस्तों से फोन पर चर्चा हुई थी और
जल्द लौटने की बात कही थी। जांच में उसके रूम से दवाइयां भी मिली।
बीमारी या किसी कारण के चलते उसने आत्महत्या की या हादसे का शिकार
हुआ इसे लेकर पुलिस जांच जारी है। रविवार को उसका अंतिम संस्कार
इंदौर में ही कर दिया गया।
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Posted on :
Monday May 04, 2009 09:16 AM
इंदौर न्यूज़ डाटकाम |
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