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सीनियरों ने हाथ मिलाया और मारना
शुरू किया - रैंगिंग या मारपीट ? |
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इंदौर।
होलकर साइंस कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र आशीष शर्मा को कुछ
सीनियरों ने मिलने बुलाया। पहले हाथ मिलाया और फिर बिना कुछ बोले ही
पिटाई शुरू कर दी। दोस्तों ने बीच-बचाव किया और कॉलेज प्रशासन को घटना
की जानकारी दी। दोपहर 1 बजे रैगिंग होने की घटना प्रशासन के दबाव के
बाद दो घंटे में मारपीट में
बदल गई।
घटना सोमवार दोपहर करीब 1 बजे कीहै। आशीष्ा अपने दोस्तों हार्दिक
नागर, निशांत मोर और लक्की सैनी के साथ पढाई कर रहा था। हार्दिक ने
बताया कि पढाई के दौरान वह और आशीष पानी पीने के लिए कॉलेज परिसर में
आए। उसी समय एक छात्र आशीष को यह कहकर अपने साथ ले गया कि कुछ छात्र
बुला रहे हैं। वह छात्र उसे कुछ दूर ले गया और वहां मौजूद छह-सात
छात्रों ने आशीष्ा की पिटाई शुरू कर दी। वह जोर से चिल्लाया और आशीष
को छुडाने के लिए दौडा।
सीनियरों ने उसे भी मारा। अन्य छात्र आते तब तक वे भाग गए। घटना की
सूचना मिलते ही कॉलेज में हडकंप मच गया। प्राचार्य हरबंससिंह के साथ
ही कुछ प्रोफेसर कॉलेज परिसर में पीडित छात्र के साथ घूमे, लेकिन
आरोपियों में से कोई भी नजर नहीं आया। पीडित छात्र ने पहले प्रशासन
को मारपीट के साथ ही रैगिंग होने की लिखित शिकायत की।
इसी बीच प्रशासन का पीडित छात्र पर दबाव बढा और लगभग दो घंटे में
रैगिंग का मामला मारपीट में बदल गया। प्रशासन मामले को महज मारपीट का
मान रहा है, जबकि पीडित के दोस्तों का कहना है कि पहले रैगिंग का
आवेदन दिया गया था। बाद में उनसे केवल मारपीट होने का लिखने को कहा
गया। पीडित छात्र को प्रवेश फॉर्म पर लगे फोटो दिखाकर सीनियरों की
पहचान करवाई जा रही है।
- आशीष ने आवेदन दिया है। पीटने वाले छात्रों की पहचान करवाई जा रही
है। हालांकि मामला रैगिंग का नहीं, मारपीट का है। पहचान होने पर
सीनियरों को कॉलेज से बाहर कर दिया जाएगा। - डॉ. आर.के. पाठक,
प्रशासनिक अधिकारी, होलकर साइंस कॉलेज
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Posted on :
Tuesday May 05, 2009 09:17 AM
patrika |
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