इंदौर।
ओंकारेश्वर बांध परियोजना के कारण
भटके वन्य प्राणियों का शिकार करने वाले मुख्य आरोपी को वन विभाग ने
डेढ महीने की मशक्कत के बाद धरदबोचा है। इस शिकार कांड में तस्करी के
पुख्ता सबूत मिले है। अब विभाग बाकी शिकारियों की तलाश में जुटा है।
गौरतलब है कि बडवाह के जंगलों में हिरणों के शिकार और तस्करी का
खुलासा पत्रिका 24 मार्च को किया था। वन विभाग को दबिश में एक हिरण
मौके पर ही मृत मिला था। इस शिकार काण्ड में वन विभाग ने ग्राम
सुलगांव के मानसिंह पिता रामजी और रमेश बारेला को आरोपी बनाया था। यह
दोनों ही फरार हो गए थे। उनके घर पर दबिश में हिरणों के सिंग और बडी
मात्रा में हथियार जब्त किए गए थे। इन दोनों के पकड में नहीं आने पर
पांच हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। इसके बावजूद डेढ महीने से
आरोपी पकड में नहीं आ रहे थे।
विभाग ने मुख्य आरोपी मानसिंह को मुद्री के जंगल में धरदबोचा। वह
नर्मदा के किनारे से भागने की फिराक में था। उसे पूछताछ के बाद
मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया
है।
Posted on :
Wednesday May 06, 2009 10:36 AM
indorenews.com