रैगिंग पर एक लाख रुपये तक जुर्माना

 

नई दिल्ली। जल्द शुरू होने वाले नए अकैडमिक सेशन से रैगिंग के खिलाफ नए नियम लागू हो जाएंगे। इसके मुताबिक, रैगिंग करने वालों के खिलाफ फौरन एफआईआर तो दर्ज होगी ही, साथ ही उस स्टूडेंट पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा।

रैगिंग पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए यूजीसी ने रेग्युलेशन के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया है। गजट में नोटिफिकेशन के तुरंत बाद ये नियम लागू हो जाएंगे। यूजीसी के चेयरमैन प्रफेसर सुखदेव थोराट ने बताया कि कमिशन की एक्सपर्ट कमिटी की मीटिंग में इन नियमों को हरी झंडी दे दी गई। इसके तहत, नैशनल लेवल पर इंटर काउंसिल कमिटी का गठन भी किया जाएगा। यह कमिटी साल में दो बार मीटिंग कर देखेगी कि रैगिंग के खिलाफ शिक्षा संस्थाओं ने क्या कड़े कदम उठाए हैं? संस्थान 25 हजार से एक लाख रुपये तक का आथिर्क दंड लगा सकते हैं।

थोराट के मुताबिक, यह दंड बहुत जरूरी है। स्टूडेंट्स को यह संदेश जाना चाहिए कि रैगिंग एक गंभीर अपराध है और इसके लिए उसका पूरा करियर तक तबाह हो सकता है। दोषी का एडमिशन कैंसल करने तक की बात कही गई है। रिजल्ट रोके जाने व हॉस्टल से निकालने का प्रावधान भी किया गया है।

जो स्टूडेंट रैगिंग में शामिल पाया जाएगा, उसके माइग्रेशन और ट्रांसफर सर्टिफिकेट में यह लिखा जाए कि उसे रैगिंग में सजा मिल चुकी है। अगर ऐसा होता है तो किसी दूसरी यूनिवर्सिटी या इंस्टिट्यूट में एडमिशन लेना भी उस स्टूडेंट के लिए आसान नहीं होगा। एडमिशन से पहले स्टूडेंट्स और पैरंट्स दोनों को ही अंडरटेकिंग देनी होगी कि वे रैगिंग के नियमों से वाकिफ हैं। अगर इसके बाद भी स्टूडेंट रैगिंग की घटना में शामिल पाया जाता है तो उसे सख्त से सख्त सजा मिलेगी।

हेल्पलाइन जल्द
यूजीसी ने एक हेल्पलाइन बनाने का भी फैसला किया है और इस पर काम चल रहा है। जल्द ही हेल्पलाइन के नंबर स्टूडेंट्स को मिल जाएंगे। स्टूडेंट्स को एसएमएस व ईमेल के जरिए भी शिकायत करने की सुविधा मिलेगी।

संस्थानों पर नजर
नए नियमों का पालन नहीं कराने वाली यूनिवर्सिटी के खिलाफ रेग्युलेटरी संस्थाएं ऐक्शन लेंगी। जो इंस्टिट्यूट रैगिंग पर रोक लगाने में नाकाम रहेंगे उन को ग्रांट भी रोक दी जाएगी। मान्यता भी रद्द की जा सकती है।

अर्जुन ने जायजा लिया
नई दिल्ली : स्कूलों समेत विभिन्न शिक्षा संस्थाओं में रैगिंग की घटनाओं के मद्देनजर मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने मंगलवार को मंत्रालय के बड़े अधिकारियों के साथ हालात का जायजा लिया। अर्जुन सिंह ने रैगिंग के खिलाफ विशेष कानून बनाए जाने का समर्थन किया है।

Posted on : Wednesday May 06, 2009 07:29 AM indorenews.com

 

 

 
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