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बलात्कार की पुष्टि के लिए
डॉक्टर का बयान अंतिम नहीं : कोर्ट |
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मुंबई
: बांबे हाई कोर्ट ने अपने एक हालिया फैसले में कहा है कि विरोधाभासी
मेडिकल रिपोर्ट के बावजूद बलात्कार की पुष्टि की जा सकती है। इस मामले
से संबंधित घटना अगस्त 1987 में हुई और आरोपी सुरेश जाधव को सतारा
सेशन कोर्ट ने 1989 में बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला
यह था कि पीड़ित 11 साल की किशोरी सातवीं कक्षा की छात्रा थी जिसका
जाधव ने बलात्कार किया।
जाधव को किशोरी के परिवार वाले अच्छी तरह जानते थे। घटना के दिन,
पीड़िता के बड़े भाई ने जाधव से अपनी साइकल पर किशोरी को घर छोड़ने
को कहा। लेकिन घर छोड़ने के बजाय आरोपी किशोरी को अपने घर ले गया और
उससे बलात्कार किया, लेकिन सुनवाई अदालत ने पाया कि डॉक्टर के सबूतों
के अनुसार, कौमार्य भंग नहीं था और किशोरी के शरीर पर किसी प्रकार की
चोट के निशान नहीं थे।
इस आधार पर अदालत ने जाधव को बरी कर दिया जिसके बाद हाई कोर्ट में
अपील दाखिल की गई। वर्ष 2007 में हाई कोर्ट की एक अन्य पीठ ने इस
फैसले को पलटते हुए जाधव को दोषी करार दिया। जाधव ने इस फैसले को
सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जिसने हाई कोर्ट को इस मामले में नए सिरे
से सुनवाई करने का निर्देश दिया। सात मई को दिए फैसले में मुख्य
न्यायाधीश स्वतंत्र कुमार और एस. सी. धर्माधिकारी की बेंच ने एक बार
फिर निचली अदालत के फैसले को पलट दिया और जाधव को दोषी ठहराया।
हाई कोर्ट ने कहा कि डॉक्टर ने कहा है कि किशोरी की कौमार्य पिर कोई
चोट नहीं पहुंची है, लेकिन डॉक्टर ने अन्य जगह पर स्वीकार किया है कि
कौमार्य कि फटे बिना भी यौन हमला हो सकता है।
बेंच ने कहा कि डॉक्टर के बयान पर जरूरत से अधिक विश्वास किया गया
लेकिन बलात्कार साबित करने के लिए डॉक्टर का बयान अंतिम परीक्षण नहीं
है। बेंच ने कहा बाकी सभी के बयान अपराध को साबित करते हैं। अन्य
गवाहों ने पीड़िता के मामले की पूरी तरह पुष्टि की है। अदालत ने यह
भी सवाल उठाया कि एक छोटी बच्ची जाधव को फंसाने के लिए क्यों कहानी
गढ़ेगी।
हालांकि अपराध के घटने को काफी वक्त बीत जाने के कारण मामले में कुछ
रियायत बरतते हुए अदालत ने आरोपी को अधिकतम सात साल के बजाय पांच साल
के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने जाधव पर 50 हजार रुपये का
जुर्माना भी लगाया। अदालत ने कहा कि यह राशि बतौर मुआवजा पीड़िता को
दी जाएगी।
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Posted on :
Tuesday May 12, 2009 04:33 PM
भाषा |
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