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भौंहें बनवाने वाली लड़कियां सिख
नहीं : हाईकोर्ट |
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चंडीगढ़.
एकपंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में शिरोमणि
गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी की राय का समर्थन करते हुए कहा है कि भौंहें
बनवाने और बालों की ट्रिमिंग कराने वाली लड़कियां सही मायनों में सिख
नहीं हो सकतीं।
हाईकोर्ट ने शनिवार को यह महत्वपूर्ण फैसला गुरलीन कौर के मामले में
सुनाया जिसे श्री गुरु रामदास इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड
रिसर्च में एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन देने से इस आधार पर इनकार कर
दिया गया था कि वह अपनी भौंहें बनवाती है और बालों की ट्रिमिंग करवाती
है। यह एक सिख माइनारिटी इंस्टीट्यूट है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक
कमिटी ने भी कहा था कि 'वह एक सच्ची सिख नहीं है।
जस्टिस जे.एस. केहर, जसबीर सिंह और अजय कुमार मित्तल की फुल बेंच ने
एसजीपीसी की राय को सही बताते हुए कहा कि सिख माइनारिटी कोटा के तहत
दाखिला लेने की यह शर्त वैधानिक दायरे में आती है कि सिख 'स्वरूप' को
बरकरार रखा जाए। अदालत ने भी सिख धर्म की एसजीपीसी की व्याख्या से
सहमति जताते हुए कहा कि बालों की ट्रिमिंग करवाना या भौंहें बनवाना
सिख धर्म के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। हालांकि अदालत के मुताबिक
हमेशा अपने साथ कृपाण रखना उतना महत्वपूर्ण नहीं है।
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Posted on :
Sunday May 31, 2009 09:54 AM टाइम्स
न्यूज नेटवर्क |
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