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अध्यापक रिश्वत लेते हुए रंगें हाथ गिरफ्तार |
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इंदौर. मदरसों को मिलने वाली अनुदान राशि के सत्यापन के लिए पांच
हजार रुपए की रिश्वत लेते उर्दू स्कूल नया पीठा के प्रधानाध्यापक को
लोकायुक्त पुलिस ने रंगेहाथ पकड़ा। आरोपी अब्दुल शकूर खान निवासी कोयला
बाखल है।
वह उर्दू कन्या माध्यमिक स्कूल नयापीठा का प्रधानाध्यापक और जन शिक्षा
केंद्र क्र. 22 का प्रभारी है। उसे मदरसा दारूल उलूम नूरी बड़वाली चौकी
के संचालक हाफिज मोहम्मद सगीर एहमद की शिकायत पर बुधवार को पकड़ा गया।
सरकार द्वारा वक्फ बोर्ड के माध्यम से मदरसों में आधुनिक शिक्षा के लिए
अनुदान दिया जाता है। राशि सत्यापन के बाद ही मिलती है। अब्दुल शकूर के
पास सत्यापन का भी दायित्व है।
लोकायुक्त एसपी प्रेमसिंह बिष्ट के मुताबिक फरियादी ने शिकायत की थी कि
उसके मदरसा को हर बार मिलने वाला 72 हजार रुपए का अनुदान बीते वित्तीय
वर्ष (2008-09) में सत्यापन नहीं होने से नहीं मिला। इसके लिए पांच हजार
रुपए रिश्वत मांग रहे हैं। योजना के तहत फरियादी ने बुधवार दोपहर 1 बजे
प्रधानाध्यापक कक्ष में जैसे ही पांच हजार रुपए दिए, लोकायुक्त के चार
डीएसपी हुकमसिंह यादव, मेघचंद शर्मा, विजय मुद्गल, वीरेंद्र जैन व तीन
इंस्पेक्टर जीडी शर्मा, सतीश मिश्रा, विद्याधर पांडे पहुंच गए।
जब हाथ से निकला रंगीन पानी
रिश्वत के लिए दिए जाने वाले नोटों पर पावडर लगा दिया था। अफसरों ने जैसे
ही आरोपी के दोनों हाथ धुलवाए तो गुलाबी रंग निकलने लगा। प्रधानाध्यापक
ने नोट पास की कुर्सी पर छिपाकर रख दिए थे। आरोपी को गिरफ्तार कर वहीं
जमानत पर रिहा कर दिया।
तीसरे साल इंदौर में खुला रिश्वत का खाता
लोकायुक्त पुलिस शिकायत के आधार पर ही रिश्वत के केस पकड़ती है।
लोकायुक्त पुलिस इंदौर का कार्यक्षेत्र पूरा संभाग है। अन्य जिलों में हर
साल केस पकड़े गए किंतु वर्ष 2007 एवं 08 में इंदौर में एक भी केस नहीं
पकड़ा गया।
तीसरे साल (2009) में इंदौर में पहला केस पकड़ा गया। वर्ष 09 में अब
रिश्वत के तीन केस (मालती जैन, परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास
विभाग बड़वानी, राजाराम सोलंकी सहायक मानचित्रकार पीडब्ल्यूडी बड़वानी एवं
गोपाल मंडवाल पीथमपुर) पकड़े गए। इस साल इंदौर में पकड़ा गया मामला संभाग
का चौथा प्रकरण है।
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| समाचार साभार - दै. भा. |
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