इंदौर इन वजहों से तीसरी बार नंबर-1

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no 1 indore
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नंबर १ इंदौर यह शब्द सुनने में जितना सरस और सीधा लगता है, उतनी ही अधिक कठिनाइयों का समना कर रहा हैएक बार कोई पद पाना जितना कठिन कार्य होता  है, उतना ही अधिक उस पद को बनाये  रखना होता है

कुछ ऐसा ही दृश्य इंदौर में देखने को मिलता है इतनी अधिक आबादी वाला क्षेत्र जो की एजुकेशन हब के नाम से उभर रहा है, साथ ही मध्य भारत का सर्वाधिक व्यावसायिक निवेश वाला शहर इंदौर है

अतः यहा साफ सफाई रखें दैनिक कचरे का निपटान करना कोई सरल कार्य नहीं है। परन्तु इंदौर ने लगातार तीन बार स्वछता सर्वेछण में अव्वल आकर यह असंभव दिखने वाले कार्य को संभव कर दिखाया।

2014 तक इंदौर देश में सफाई के मामले में 149वें नंबर पर था। लेकिन, अब स्वच्छता का ब्रांड बन चुका है। देश में नंबर-1 बनने के बाद देश के 300 शहरों के प्रतिनिधियों ने इंदौर की सफाई सिस्टम को देख चुके हैं। 100 से ज्यादा नगरीय निकायों ने इंदौर की केस स्टडी भी बुलवाई। इसमें जम्मू-कश्मीर से लेकर चेन्नई, पूणे, बेंगलुरु, जयपुर शामिल है।

No 1 Indore

• देश का पहला ऐसा शहर, जिसने ट्रेंचिंग ग्राउंड को पूरी तरह खत्म कर वहां नए प्रयोग शुरू किए।
• 100% कचरे की प्रोसेसिंग और बिल्डिंग मटेरियल और व्यर्थ निर्माण सामग्री का कलेक्शन और निपटान।
• कचरा गाड़ियों की मॉनिटरिंग के लिए जीपीएस, कंट्रोल रूम और 19 जोन की अलग-अलग 19 स्क्रीन।
• 29 हजार से ज्यादा घरों में गीले कचरे से होम कम्पोस्टिंग का काम।
• देश के पहले डिस्पोजल फ्री मार्केट। इसमें हाल ही में 56 दुकान क्षेत्र को शामिल किया है।
• पहला शहर, जहां लाखों लोगों की मौजूदगी के दो जीरो वेस्ट इवेंट हुए।

Kachra Gadi Indore

कचरा एकत्रित करने वाले वाहन नियमित अंतराल में शहर में घूमते रहते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी कचरा डिब्बे से बह न जाए।
यहां तक कि जिन स्थानों को खाद्य सड़कों के रूप में पहचाना जाता है, आप शायद ही इस्तेमाल किए गए पेपर प्लेट या कप के आसपास पा सकते हैं।
वे कचरा इकट्ठा करने के बाद कचरे के डिब्बे को पानी से साफ करते हैं।

Public TOitet IN Idore

हालांकि मध्य प्रदेश, कुछ अन्य उत्तरी राज्यों की तरह पान चबाने के लिए जाना जाता है, आप लोगों को सार्वजनिक भवनों के किसी भी कोने और सीढ़ी के मामलों में रंग नहीं दे सकते।

लगभग हर आधे किलोमीटर पर, आप सार्वजनिक वॉश रूम और साइन बोर्ड पाएंगे जो उनकी उपलब्धता का संकेत देते हैं।

Swachata Jagrukta Abhiyan Indore

स्वच्छ भारत जागरूकता नागरिकों में बहुत अधिक पाई जाती है। इंदौर रखरखाव के साथ प्रतिस्पर्धा करने का एक ईमानदार प्रयास निश्चित रूप से को शीर्ष स्थान हासिल करने में मददगार हो सकता है।

इंदौर नगर निगम के आयुक्त मनीष सिंह ने कहा, “हमने सफाई के लिए कचरा बिन मुक्त दृष्टिकोण पर जाने का फैसला किया,” यह कहते हुए कि शहर में डोर टू डोर कचरा संग्रह किया गया है।

उन्होंने कहा, “इसके अलावा, हमने रेडियो और टीवी पर कई जागरुकता अभियान चलाए। इंदौर में सिविल सोसाइटी बहुत मजबूत है और इस तरह के स्पॉट फ़ैन्स लगाने जैसे कड़े फैसलों को राजनीतिक समर्थन भी सुधार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण था।”

“यह मुख्य रूप से है कि शहर में स्वच्छता के लिए नागरिकों की कितनी भागीदारी है। हमारा प्रयास नागरिकों को स्वेच्छा प्रक्रिया के साथ जोड़ा गया है। शहर को स्वच्छ रखने के बारे में जागरूकता की एक बढ़ी हुई भावना और एक प्रभाव द्वारा प्रेरित एक कार्यबल ने मदद की है।

2017 में कुल 434 शहरों का सर्वेक्षण किया गया था। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने कहा कि सर्वेक्षण में शामिल 18 लाख लोगों में से 80% लोग स्वच्छ भारत मिशन से खुश थे।

इंदौर नगर निगम, इंदौर प्रशासन ने जँहा इस काम को एक चुनौती के रूप स्वीकारा, वंही यहाँ की जनता ने भी इसमें पूरा सहयोग दियाइस काम में भले ही निवेश सरकार ने किया, मेहनत नगर निगम ने की, परन्तु आम नागरिको के सहयोग के बिना यह संभव नहीं था

क्यूंकि हम कितनी ही योजनाए देखते है, जब तक जनता का साथ नहीं होता वह पूरी नहीं हो पाती देखा जाये तो यह इंदौर वासियो द्वारा मानव सभ्यता को ऊपर उठाने की दिशा में अद्वितीय कदम है, जो की इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जायेगा

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