योगा पोज़ेज़ फॉर अर्थराइटिस

0
69

स्वस्थ तन और स्वस्थ मन हर किसी की चाह होती है। परन्तु यह यूँही संभव नहीं हो सकता, क्यूंकि आज व्यक्ति के पास धन तो है,

परन्तु कितना ही आधिक धन क्यूँ  न हो, आज हम अपना खान पान शुद्ध रखने में विफल है। मिलावट और तेजी से बढ़ते प्रदुषण ने हमारी उम्र छोटी कर दी है।

आज आवश्य्कता है, इस बदलते दौर में कुछ ऐसा करने की जिससे हम निरोगी जीवन का आनंद ले सकें। यह चीज भी संभव है, की हम बिना दवाइयों और औषधियों अपने जीवन को सुचारु रूप से चला सके।

यह सब संभव है, योग की सहायता से यह एक ऐसा वैज्ञानिक क्रिया कलाप है। जिसके तहत हम दैनिक जीवन में आने वाली बीमारियों के, साथ गंभीर बीमारियों से कोसो दूर रह कर एक स्वस्थ जीवन जी सकते है। साथ ही एक स्वस्थ समाज की नींव  रख सकते हैं।

मेरु वक्रासन
चक्कीचालन
क्रियापवनमुक्तासन क्रिया
वीरासन-शोल्डर स्ट्रेच

गतियामत मेरु वक्रासन

Meru Vkrasan

वक्रासन योग कैसे करें ?

1.आप अपने पांवों को फैलाकर जमीन पर बैठें।
2.ध्यान रहे दोनों पैरों के बीच दुरी न हो।
3.बाएं पांव को घुटने से मोड़ें और इसको उठा कर दाएं घुटने के बगल में रखें।
4.रीढ़ सीधी रखें तथा सांस छोड़ते हुए कमर को बाईं ओर मोड़ें।
5.अब हाथ के कोहनी से बाएं पैर के घुटने को दबाब के साथ अपनी ओर खीचें।
6.आप पैर को इस तरह से अपनी ओर खींचते हैं कि पेट में दबाब आए। अपने हिसाब से योगासन को मेन्टेन करें।
7. सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक अवस्था में आएं।
8.यही क्रिया दूसरी ओर से दोहराएं।
9.यह एक चक्र हुआ।
10.इस तरह से आप 3 से 5 चक्र करें।

चक्कीचालन क्रिया

दोनों पैरों को पूरी तरह फैलाकर बैठ जाएँ, हाथों को पकड़ते हुए बाजुओं को कन्धों की सीध् में अपने सामने की ओ रखें।

लंबी गहरी साँस लेते हुए अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को आगे लाएँ औरएक काल्पनिक घेरा/ गोला बनाते हुए दाहिनी ओर हिलाना शुरू करें।

साँस भरते हुए आगे और दाहिनी ओर जाएँ और साँस छोड़ते हुए पीछे एवं बहिनी ओर। आगे से दाहिनी ओर जाते हुए साँस भरें।

घूमते हुए लंबी गहरी साँस लेते रहें। क्या आपको बाजुओं,उदर,कटि प्रदेश एवं पैरों में खिंचाव महसूस हो रहा है?
दिशा में 5 – 10 राउंड करने के बाद दूसरी दिशा में दोहराएँ।

पवनमुक्तासन क्रिया

अभ्यास :

1.टांगों को सीधा रखकर बैठें। पीठ सीधी और तनाव रहित रहे। दायें घुटने के नीचे से अँगुलियों को पकड़ लें और दायीं टाँग को फर्श से थोड़ा-सा ऊपर उठायें।

2.गहरी श्वास लें।

3.रेचक करते हुए दायें घुटने को मोड़ें और जाँघ को शरीर की तरफ खींचें। ध्यान रखें कि पीठ सीधी रहे। सिर को आगे की ओर झुकायें और घुटने को मस्तक या नाक से छुएं। ऐसा करते समय पीठ थोड़ी-सी झुक सकती है।

4.पूरक करते हुए सिर को ऊपर उठायें। शरीर के ऊपरी भाग को सीधा रखें और टांग को सीधा फैलाएं। फर्श को पैर से न छुआएं।

5.यह व्यायाम पाँच बार दायीं टांग से और पाँच बार बायीं टाँग से करें।

6.फिर प्रारंभिक स्थिति में लौट आयें।

लाभ :

इस व्यायाम से पीठ और नितम्बों की मांसपेशियां फैल जाती हैं। रीढ़ और कूल्हों में लोच बढ़ता है और गर्दन को आराम पहुँचता है। यह आसन शरीर को मजबूत करता है और सभी जोड़ों में रक्त परिसंचालित करता है। यह आसन क्रमी (त्रिक) और नितम्ब संबंधी शिकायतों को दूर करने में विशेष रूप से लाभप्रद होता है। शरीर सुडौल होता है तथा पाचन शक्ति बढ़ाता है।

वीरासन-शोल्डर स्ट्रेच

Veerasan Pose

वीरासन (हीरो पोज़) करने का तरीका और फायदे – Virasana yoga (Hero Pose) 

1.वीरासन करने के लिए आप सबसे पहले किसी स्थान पर चटाई बिछा के घुटनों को टेक के बैठ जाएं या आप इसके लिए वज्रासन में भी बैठ सकते हैं।

2.पैरों की उंगलियां बाहर की ओर रखें।

3.अपने दोनों हाथों को सीधा करके दोनों घुटनों पर रखें।

4.अब अपने दोनों घुटनों को पास-पास लाएं जिससे आपके दोनों पैरों के बीच दूरी बन जाये, यह दूरी आपके हिप्स की चौड़ाई से अधिक होनी चाहिए जिससे आपके हिप्स आराम से जमीन पर आ सकें।

5.अपने दोनों पिंडली को जांघों से बाहर की ओर रखें।

6.अब धीरे-धीरे जमीन पर अपने हिप्स को रखने की कोशिश करें।

7.अगर आपको अपने हिप्स को शूरुआत में जमीन पर रखने में कठिनाई होती हैं तो आप किसी छोटे तकिये का प्रयोग अपने हिप्स के नीचे रखने के लिए कर सकते हैं।

8.सुनिश्चित करें की आपको इस स्थिति में किसी भी प्रकार का दर्द या घुटने में दर्द का एहसास तो नहीं होता हैं।

9.अब आप इस स्थिति में कम से कम 30 सेकंड तक रुकने का प्रयास करें। अगर आपको किसी भी प्रकार की समस्या होती हैं तो आप इस आसन को अपनी क्षमता के अनुसार कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here